मेरठ में पुलिस ने जिसे फर्जी IAS समझकर पकड़ा, वह निकला असली अधिकारी, अब कर दी पुलिस की फ़जीहत
THE POLICE TODAY
2 मार्च 2026 की एक देर रात उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के नौचंदी थाना क्षेत्र की फूलबाग कॉलोनी से पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति शराब के नशे में हंगामा कर रहा है और आसपास के लोगों को परेशान कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए जाने के बाद उस व्यक्ति ने अपना नाम राहुल कौशिक बताया और कहा कि वह वर्ष 2008 बैच का आईएएस अधिकारी है। यह सुनकर पुलिसकर्मी पहले तो हँसने लगे और उसकी बात को मजाक समझने लगे। इसी दौरान उसके घर के बाहर लगी एक नेमप्लेट भी पुलिस को मिली, जिस पर “भारत सरकार – डिप्टी सेक्रेटरी” लिखा हुआ था। पुलिस ने नेमप्लेट भी अपने साथ ले ली और उसे थाने ले आई।
थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी कि उन्होंने एक कथित फर्जी आईएएस अधिकारी को पकड़ा है। अधिकारियों के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं वह व्यक्ति वास्तव में कोई अधिकारी तो नहीं है।
करीब 24 घंटे की जांच के बाद 12 मार्च 2026 को पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि उन्होंने एक फर्जी आईएएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
इसी बीच राहुल कौशिक के परिवार के लोग थाने पहुंचे और पुलिस को कई दस्तावेज दिखाए। इनमें यूपीएससी चयन से जुड़े कागज, ट्रेनिंग से संबंधित दस्तावेज और पोस्टिंग के रिकॉर्ड भी शामिल थे। इन दस्तावेजों को देखकर पुलिस के सामने स्थिति बदलने लगी और शक होने लगा कि जिसे फर्जी बताया जा रहा था, वह वास्तव में असली आईएएस अधिकारी हो सकता है।
दरअसल राहुल कौशिक वर्ष 2008 बैच के आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। साल 2019 में उनके खिलाफ कुछ मामलों के दर्ज होने के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इस मामले की सुनवाई फिलहाल सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) में चल रही है और मामला अभी विचाराधीन है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि यदि वह आरोपों से मुक्त हो जाते हैं तो उन्हें दोबारा पोस्टिंग मिल सकती है।
घटना के बाद राहुल कौशिक ने खुद मीडिया को बुलाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उनका कहना है कि उन्हें 24 घंटे से ज्यादा समय तक थाने में रखा गया और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जबकि उन्होंने बार-बार पुलिस को अपनी पहचान और पद के बारे में बताया था।
उन्होंने कहा कि वह इस मामले को अदालत में ले जाएंगे और पुलिस के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।
जैसे ही यह मामला सामने आया, पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई और अब पूरे प्रकरण की चर्चा तेज हो गई है।















