उत्तराखंड के इस शहर मे जी एस टी विभाग की रेड, जानिये कितनी बड़ी है हेरा फेरी,
THE POLICE TODAY
जीएसटी का Full Form होता है- Goods And Services Tax । हिन्दी में इसका अर्थ होता है- माल एवं सेवा कर। इसे, वस्तुओं की खरीदारी करने पर या सेवाओं का इस्तेमाल करने पर चुकाना पड़ता है। पहले मौजूद कई तरह के टैक्सों (Excise Duty, VAT, Entry Tax, Service Tax वगैरह ) को हटाकर, उनकी जगह पर एक टैक्स GST लाया गया है।
जानिये कहाँ हुई बड़ी कार्यवाही – राज्य कर विभाग की केन्द्रीय आसूचना इकाई (C.I.U.) देहरादून द्वारा महुआखेडा गंज औद्योगिक क्षेत्र, काशीपुर में बैटरी स्क्रैप रिसाइकिल का व्यवसाय कर रही दो फर्मों के यहाँ आयुक्त, राज्य कर तथा अपर आयुक्त, कुमाऊ जोन, बी०एस० नगन्याल के दिशा-निर्देशों पर उपायुक्त, धर्मेन्द्र राज चौहान तथा विनय कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में गठित टीमों द्वारा जी०एस०टी० चोरी कर रही दोनों फर्मों के साथ ही इन फर्मों को मालवाहन की सेवा दे रही दो ट्रांसपोर्ट कम्पनी पर भी छापा मारा गया।
केन्द्रीय आसूचना इकाई (C.I.U.) देहरादून द्वारा विगत कुछ दिनों से इन दोनों फर्मों के लेन-देन पर निगाह रखी जा रही थी तथा फर्मों द्वारा उत्तराखण्ड राज्य से बाहर स्थित अस्तित्वहीन फर्मों के बिलों की आड़ में बोगस आई०टी०सी० का लाभ लेकर अपनी जी०एस०टी० देयता को समायोजित किया जा रहा था तथा खाली गाड़ियों अथवा अन्य माल ढो रहे वाहनों पर ई-वे बिल बनाकर उन्हें टोल प्लाजा से पास दिखाकर माल की खरीद को सही दिखाने का प्रयास भी किया जा रहा था। इन दोनों फर्मों द्वारा ऐसा विगत 03 वर्षों (2020-21 से 2022-23 तक) से किया जा रहा था।
प्रथम दृष्ट्या इन दोनों फर्मों द्वारा ₹ 05 करोड़ से ऊपर की जी०एस०टी० चोरी की गई है। छापेमारी की कार्यवाही दिनभर चली तथा छापे के दौरान फर्मों के व्यापार स्थल से टीमों द्वारा अभिलेख अभिग्रहित किये गये हैं, जिनका विश्लेषण का कार्य गतिमान है। दोनों फर्मों द्वारा जांच के दौरान ही लगभग ₹1 करोड़ जी०एस०टी जमा भी करा दिया गया है। राज्य में इस प्रकार के व्यापार में कई फर्मों संलिप्त हो सकती हैं, जिन पर विभाग की नजर है।















