हरिद्वार पुलिस प्रसाशन के निकट शराबियों का तांडव, खुद को असुरक्षित महसूस कर रही सिडकुल मे काम करने वाली महिलाएं,जानिये क्या है पूरा मामला,
THE POLICE TODAY
रोशनाबाद / सिडकुल मे इस शराब के ठेको के आगे ग्राहकों का हुज्जूम रोज एक मेले की तरह लग जाता है मानो यहाँ प्रसाशन का नही बल्कि इन शराबियों का राज हो,साय 5 बजे से रात 9 बजे तक न तो यहाँ से कोई शरीफ महिला निकल सकती है न ही कोई आम आदमी,ठेके के सामने सड़क ही एक बार बना जाता है,सड़क पर लाइन से खड़ी इन कारों मे शराबियों का ऐसा तांडव चलता है की कोई सड़क पर बोतले फोड़ता है तो कोई वहाँ से गुजरने वाली महिलाओं पर भद्दी भद्दी टिपणी करता है और ये सब चलता है उस कानून की नाक नीचे जो यहाँ से चंद कदमो की दुरी पर बैठा महिला सुरक्षा के दावे करता है,
एक ओर जहां राज्य को नशामुक्त करने के अभियान का धामी सरकार नारा दे रही है तो वहीं दूसरी ओर सिडकुल में प्रशासन से मात्रा 1०० मीटर की दूरी पर सिडकुल क्षेत्र में गिन्नी कम्पनी के सामने देसी और इंग्लिश वाइन शॉप पर गाहको की भीड़ शाम लगभग ४ बजे से लगनी शुरू हो जाती है। शाम होते होते गाड़ियों की लम्बी लाइन और यहाँ खाली पड़े क्षेत्र में ग्राहकों का वहीं सरेआम शराब पीना प्रसाशन की व्यवस्थाओं की पोल खोल रहा है
इतना ही नही सिडकुल मे काम करने वाली उन हजारों महिलाओ की सुरक्षा पर भी सवाल खडे कर रहा है।जो छुट्टी के समय यहाँ से गुजरती है व्यवस्था इतनी बुरी हो चुकी है की रोशनाबाद , महदूद और नवोदय नगर जाने वाले लोग और अधिकांश महिला कर्मचारियों को यहाँ से गुजरने मे भारी परेशानियों का शामना करना पड़ रहा है,शराब के ठेके के पास ही कईं फैक्ट्रीयाँ है और छुट्टी के समय इसी स्थान पर खडे होकर महिलाओं को घर जाने के लिए बस और टेम्पू का इन्तजार करना पड़ता है,
यही वो समय भी होता है ज़ब यहाँ शराबियों का हुड़दंगई सुरु हो जाता है। दुर्भाग्य ये है की कम्पनियो के सिक्युरिटी गॉर्डस केवल कम्पनी के परिसर तक की ही महिला कर्मचारियों की गॉरन्टी लेते हैं। ५ बजे से महिलाओ के छुट्टी का समय हो जाता है। कुछ महिलाएं ओवर टाइम करती हैं तो ७ बजे तक भी आवाजाही चलती रहती है। ५ से ७:३० बजे तक के समय में हज़ारो महिलाएं अलग अलग कम्पनी से छूटकर अपने अपने घरों को जाती है तो घबराती है की उनके साथ कहीं कोई छेड़खानी न हो जाए। क्योकि नशे में धुत्त शराबी कोई सड़क पर पड़ा होता है , तो इंग्लिश वाइन शॉप पर, कुछ असामाजिक तत्व तो गाड़ियों में बैठकर जाम छलका रहे होते है।
और ये एक ऐसा नजारा होता है जिसे देखकर शरीफ महिलाएं यहाँ से गुजरने मे फरहेज करती है,बता दें की पहले भी यहाँ सड़कों पर कईं बार शराबियों द्वारा लड़ाई झगड़े और महिलाओं के साथ छेड़खानी की जा चुकी है,और जिस प्रकार इन सड़कों पर यहाँ शराबियों का तांडव चल रहा है इसे देख लगता है की न तो इन्हे समाज की परवाह है और न ही निकट बैठे पुलिस अधिकारियों की,















