सावधान न फंसे इस जाल मे,रॉन्ग नंबर में दोस्ती कर ट्रांसजेंडर ने उतरवाए कपड़े, वीडियो बनाकर हनी ट्रेप गैंग करता है ब्लैकमैल,
THE POLICE TODAY
क्रांइम विशेष / ऐसे नेटवर्क जो साइबर क्रांइम की दुनिया मै एक के बाद एक अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देकर लोगो का शोषण कर रहे है, इंटर नेट पर ऐसी लाखों साइट दुनियाभर मे चल रही है, जो नेट पर कही ठगी को अंजाम दे रही है तो कही ब्लैक मैलिंग का खेल बड़े स्तर पर खेल रही है
एक ऐसा ही मामला फिर से सामने आया है जहां हनी ट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल कर लोगों से वसूली करने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ है। गैंग के सदस्य रॉन्ग नंबर के जरिए लोगों को अपनी बातों में फंसाती थी और फिर मिलने के लिए बुलाती थी।
ट्रांसजेंडर की बातों में फंसकर जब कोई उससे मिलता था। तो उस व्यक्ति की अश्लील वीडियो बनाकर पूरा गैंग ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठ लेता था।
ग्वालियर में हनीट्रैप में खास बात यह है कि इस रैकेट को चलाने वाला मास्टरमाइंड ट्रांसजेंडर है। हनी ट्रैप गैंग सदस्य शातिराना अंदाज में किसी बड़े अफसर, बिजनेसमैन और इंजीनियर को फंसा लेती थी। फिर घर बुलाकर कपड़े उतरवा देती थी और उनके साथ लड़कियां अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का काम करते थी।
ग्वालियर के इंजीनियर को अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर रही इस हनी ट्रैप गैंग के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद हनी ट्रैप गैंग के कई और खुलासे होने की उम्मीद है।
पुलिस के पकड़ में आए हनीट्रैप गैंग के सदस्यों की पहचान घास मंडी की रहने वाली उर्मिला प्रजापति, ग्वालियर के हरिशंकरपुरम निवासी अरविंद गुप्ता उर्फ बॉबी और शहर ललितपुर कॉलोनी निवासी हर्षित उर्फ छोटू उर्फ विशाल के रूप में हुई। पुलिस खुलासा में पता चला कि यह गैंग इंजीनियर बड़े बिजनेसमैन और अधिकारियों को हनीट्रैप में फंसाती थी और फिर अश्लील वीडियो वायरल करने। पुलिस थाने में रेप का मामला दर्ज कराने का डर दिखाकर ब्लैकमेल करती थे।
सीएसपी शियाज़ केएम क्राइम ब्रांच ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के फोन बरामद कर लिए गए हैं। साथ ही 31 हजार नगद राशि भी पकड़ी गई है। मुख्य बात यह है कि इस गैंग को चलाने वाला वाला हर्षित उर्फ छोटू उर्फ विशाल नाम का एक शख्स ट्रांसजेंडर है। इस गैंग के कुछ अन्य युवक और लड़कियां फरार है जिनकी तलाश के लिए पुलिस आरोपियों से जानकारी जुटा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस गैंग से पूछताछ के बाद कई और खुलासे हो सकते हैं। क्योंकि इस गैंग के हनीट्रैप के शिकार कई लोगों ने पुलिस में मामला दर्ज करा चुके हैं।















