क्या आप जानते है रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले ऊंट को जिंदा सांप क्यों खिलाया जाता है?
THE POLICE TODAY
विशेष / ऊंट को रेगिस्तान का जहाज कहा जाता है. इसके पीछे की वजह है कि वह बिना पानी पिए कई दिनों तक रह सकता है. यह रेतीले तपते रास्तों पर 50-60 किलोमीटर घंटा की रफ्तार से दौड़ने में माहिर होता है. ऊंटों की सबसे खास बात है कि वह सूखे इलाकों में कई दिन बीना पानी के रह सकते है. तो चलिए अब जान लेते है कि जिंदा सांप क्यों खिलाया जाता है. तो आपको बता दें कि इनके शरीर में एक खास तरह की बीमारी होती है. जिसकी वजह से उनका पूरा शरीर अकड़ जाता है. इस बीमारी से बचने के लिए ऊंटों को जिंदा सांप खिलाते है ऐसा करने से इनके शरीर का इंफेक्शन खत्म हो जाता है और इनके शरीर में ऐसे एंटीबॉडी होते हैं जो सांप के जहर से लड़ लेते है. कुछ ही दिनों में इन्फेक्शन खत्म हो जाता है और ऊंट पहले की तरह अच्छे से खाने पीने लगता है.
एक ऊंट का औसत जीवन चालीस से पचास साल होता है. ओर एक पूरी तरह से विकसित खड़े वयस्क ऊंट की ऊंचाई कंधे तक 1.85 मी और कूबड़ तक 2.15 मी होती है. कूबड़ शरीर से लगभग तीस इंच ऊपर तक बढ़ता है. ऊंट की अधिकतम भागने की गति 65 किमी/घंटा के आसपास होती है और लम्बी दूरी की यात्रा के दौरान यह अपनी गति 40 किमी/घंटा तक बनाए रख सकता है. ऊट का गर्भकाल करीब 400 दिनों का होता है.
जब इन्हें पानी मिलता है, तब ये करीबन 151 लीटर पानी एक बार में पी लेते हैं. रात के समय उनके शरीर का तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्शियस होता है, और दिन के समय, 41 डिग्री सेल्शियस. ऊंट के दूध में बहुत सारा आइरन, विटामिन और मिनरल पाया जाता है. अपने आप को किसी भी प्रकार के खतरे से बचाने के लिए, ये अपने चारों पैर को लात मारने के लिए इस्तेमाल करते हैं. जंग में, खासकर की वे जंग जो रेगिस्तान में लड़े जाते थे, राजा-महाराजा ऊंट का इस्तेमाल करते थे.















