अनंत ब्राह्मड मे हो सकती है हम जैसी ओर भी न जाने कितनी पृथ्वी, वैज्ञानिको नें ख़ौज ली एक ओर पृथ्वी,
THE POLICE TODAY
दुनिया भर के वैज्ञानिक ऐसे बहुत से विषयों पर ख़ौज कर रहे है जिनके बारे मे हम कभी कल्पना भी नही करते,ब्राह्मड एक ऐसा अनंत विषय है जिसका न तो आरम्भ है ओर न ही कोई अंत,इस ब्राह्मड मे न जाने ऐसे कितने राज व रहस्य छिपे है जो गणित की गिनती से भी न जाने कितने आगे हैं,अधिकतर लोगों का मानना है की ब्राह्मड मे सिर्फ एक ही धरती है ओर इसी धरती पर जीवन है,लेकिन यह भी तो हो सकता है की हम लोगों की यह सोच कुवें के मेढक की भांति ही हो,कहीं ऐसा न हो की जिस धरती पर हम निवास कर रहे है इस ब्राह्मड मे इसके जैसी अनंत धरती घूम रही हो जिनका हमें कोई ज्ञान ही नही ,जहां जीवन तो जीवन,हम जैसे जीवन से हजारों या लाखों वर्ष एडवांस टेक्नोलिजी मे जी रहे लोग भी हो सकते है,यह भी हो सकता है की जिस एलियन्स को हम कभी हाँ तो कभी ना मे पढ़ते है वो भी उसी एडवांस टेक्नोलोजी मे जी रहे पृथ्वी की कोई सबसे निकट पड़ोसी पृथ्वी के ही निवासी हो,खैर यह तो एक ऐसा बहस का मुद्दा है जो अभी सिर्फ ओर सिर्फ हो सकता है पर निर्भर करता है,
लेकिन आज के अंतरिक्ष विज्ञानियों ने दावा किया है कि धरती के अलावा एक अन्य ग्रह पर भी जीवन के सबूत मिले हैं. उनके मुताबिक, धरती से 12 प्रकाशवर्ष दूर मौजूद इस एक्सोप्लेनेट पर धरती की तरह चुबकीय क्षेत्र का पता लगा है. जानते हैं कि वैज्ञानिकों को इस खोज की मदद से क्या-क्या मिला है?
दुनियाभर के वैज्ञानिकों के लिए हमेशा से ये बड़ा सवाल रहा है कि क्या धरती के अलावा ब्रह्मांड में किसी दूसरे ग्रह पर भी जीवन है? इस सवाल का अब तक कोई वैज्ञानिक सटीक जवाब नहीं दे पाया है, लेकिन आज तक किसी भी साइंटिस्ट ने दूसरे ग्रह पर जीवन होने की संभावना को पूरी तरह से खारिज नहीं किया है. हमारे ग्रह पृथ्वी के बाहर जीवन की जारी खोज के बीच वैज्ञानिकों ने एक ऐसा ग्रह खोज लिया है, जो करीब-करीब धरती जैसा ही है. दूसरे शब्दों में कहें तो वैज्ञानिकों को इस एक्सोप्लेनेट पर धरती की ही तरह जीवन के सबूत मिले हैं.
एक्सोप्लेनेट को खोजने वाले वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये धरती से 12 प्रकाशवर्ष की दूरी पर है. एक्सोप्लेनेट पर धरती की ही तरह चुंबकीय क्षेत्र का पता लगा है. अब सवाल ये उठता है कि क्या किसी ग्रह पर चुबकीय क्षेत्र होने का मतलब उस पर जीवन होना है? इस पर वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर किसी भी ग्रह पर चुबकीय क्षेत्र मौजूद है तो उस पर जीवन होने की पूरी गारंटी रहती है. वैज्ञानिकों ने बताया कि खोजा गया ये प्लेनेट आकार में भी हमारे ग्रह पृथ्वी की तरह ही है.
एक्सोप्लेनेट को खोजने वाले वैज्ञानिकों ने इसका नाम वाईज़ेड सेटी-बी (YZCeti B) रखा है. अगर वास्तव में इस ग्रह पर धरती की ही तरह जीवन के सबूत मिले हैं तो ये ब्रह्मांड में जीवन की खोज की दिशा में बड़ी उपलब्धि के संकेत हैं. पीयर रिव्यू जर्नल के नेचर एस्ट्रोनॉमी में इस खोज के बारे में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, ये एक्सोप्लेनेट लाल रंग के एक बौने तारे के चारों ओर परिक्रमा कर रहा है. ये ठीक वैसा ही है, जैसे हमारी ग्रह पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये एक्सोप्लेनेट गर्म ग्रह है.















