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आखिर कैसे कब्जा कर लिया दिल्ली के लोगों नें उत्तराखण्ड पहाड़ कि भूमि पर,बना दिया अवैध रिसोर्ट, अब उत्तराखण्ड के इस बड़े अधिकारी नें लिया संज्ञान,होंगी कार्यवाही

THE POLICE TODAY

उत्तराखण्ड एक शांतिप्रिय राज्य हैं यहाँ के लोग ईमानदारी से मेहनत कर अपनी गुजर बसर व परिवार का पालन पोषण करते हैं,लेकिन दुर्भाग्य कि आस पास के पडोसी राज्य इनकी ईमानदारी ओर सीधेपन का लाभ उठाकर धोखाधड़ी करके निकल जाते हैं,ऐसे बहुत से जमीनी मामले हैं जो दिल्ली ओर उत्तरप्रदेश के लोगों द्वारा कि गई धोखादड़ी के उत्तराखण्ड मे चल रहे हैं,हरिद्वार मैदानी क्षेत्र हैं जहाँ उत्तरप्रदेश के भू माफियाओं द्वारा शुरू से ही जमींनो पर बुरी नजर रही हैं,ओर लगभग हरिद्वार कि समस्त ग्राम पंचायत व सरकारी भूमि आज उत्तरप्रदेश के भू माफियाओं कि भेट चढ़ चुकी हैं,ऐसा ही एक मामला उत्तराखण्ड के कुमाऊँ से भी आ रहा हैं,

बता दें कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूमि की खरीद-फरोख्त जारी है। पहाड़ के भोले भाले नागरिकों को चूना लगाकर ना केवल बाहरी लोग कम दामों में भूमि खरीद रहे हैं बल्कि अवैध ढंग से उनकी पैतृक भूमि पर कब्जा भी कर रहे हैं। इसी तरह का एक मामला बीते रोज कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की जनसुनवाई में सामने आया। सुनवाई के दौरान अल्मोड़ा जिले के सल्ट तहसील क्षेत्र के भकराकोट गांव निवासी रमेश चन्द्र ने बताया कि उन्होंने अपनी भूमि 24 नाली रूपा सरोहा निवासी रोज अपाटमैंट रोहिणी दिल्ली को एग्रीमेंट पर दी थी। परंतु रूपा ने 24 नाली भूमि के अतिरिक्त गांव वालों की लगभग 40 नाली जमीन पर कब्जा कर अवैध तरीके से रिजॉर्ट बना दिया।

मामले की गंभीरता को समझते हुए कुमाऊं आयुक्त ने न केवल तहसीलदार सल्ट को स्थलीय सर्वे ग्रामीणों के साथ मौके पर जाकर करने तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये बल्कि उन्होंने आगामी जनसुनवाई में क्रेता एवं विक्रेता सभी हिस्सेदार ग्रामीण के साथ ही तहसीलदार को भी उपस्थित होने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में भूमि फ्रॉड की पुष्टि होने पर सम्बन्धित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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