जानिये कौन है ये यांग शिन्हाई बेरहम सीरियल किलर जो पहले करता था महिलाओं का रेप उसके बाद उतार देता था मौत के घाट,जानिये कौन था ये हैवान् जो बना दुनिया का सबसे खतरनाक सीरियल किलर,
NEWS / THE POLICE TODAY,
दुनियाभर में तमाम ऐसे सीरियल किलर पैदा हुए हैं जिन्हें इंसानों की हत्या करने में बेहद आनंद आता था,लोगों को मौत के घात उतरना इनकी मज़बूरी नही बल्कि शौंक होता था,ये लोगों को मारने के लिए अलग अलग तरकीब खोजते थे,
आज हम आपको एक ऐसे ही सिरफिरे सीरियल किलर के बारे में बताने जा रहे हैं जो इंसानों की हत्या करने में आनंद ओर ख़ुशी महसूस करता था.
जिसे 3 नवंबर 2003 को चीन के हेबेई प्रांत के कंगझू शहर से पकड़ा था. ओर दुनिया के खतरनाक सीरियल किलर में से एक माना जाता है. इस सीरियल किलर का नाम था यांग शिन्हाई.
बताया जाता है कि यांग शिन्हाई नाम के ये सीरियल किलर एक मनोरंजन घर के जांच के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया था. पुलिस को भी इस बात का यकीन नहीं था कि वो किसी सीरियल किलर को पकड़ लेगी. लेकिन यांग शिन्हाई पुलिस को देखकर डर गया गया. जिससे पुलिस को उस पर शक हुआ और उसे गिरफ्तार कर लिया . पुलिस ने जब यांग शिन्हाई पूछताछ की और उसका डीएनए टेस्ट किया. तो पता चला कि वह इंसान वहीं है जिसकी पुलिस को तलाश थी. इस इंसान पर एक या दो नही बल्कि पुरे 67 लोगों की हत्या का आरोप था. पुलिस पूछताछ के दौरान शिन्हाई ने यह बात कबूली की उसने 60 से अधिक लोगों को बेरहमी से मार डाला. साथ ही कई महिलाओं के साथ बलात्कार भी किया.
जानिये कितनी हत्याओं का दोषी पाया था शिन्हाई
पुलिस कि जांच के बाद उसे 67 हत्याओं का दोषी पाया गया. वहीं 26 अलग-अलग हत्याओं के मामले में उसे 23 में बलात्कार का भी दोषी पाया गया. हत्या करने के पीछे उसने वजह भी बताई. शिन्हाई ने कथित तौर पर कहा, कि “जब मैंने लोगों को मारा, तब मेरे अंदर इच्छा थी. जिसने मुझे और लोगों को मारने के लिए प्रेरित किया. मुझे परवाह नहीं है कि वे जीने लायक हैं या नहीं. यह मेरी चिंता का विषय नहीं है… मुझे समाज का हिस्सा बनने की कोई इच्छा भी नहीं है. ओर ना ही समाज की कोई चिंता,,
जानिये कब पैदा हुआ था सीरियल किलर शिन्हाई,
बता दें कि यांग शिन्हाई का जन्म 29 जुलाई 1968 को चीन की हेनान प्रांत के झेंगयांग काउंटी, में ज़ुमेडियन में हुआ था. उसका परिवार गांव का सबसे गरीब परिवार था. यांग शिन्हाई अपने भाई-बहनों में सबसे छोटा था. यांग शिन्हाई बुद्धिमान था, लेकिन वह अंतर्मुखी भी था. इसीलिए वह जल्द ही किसी से बातचीत नहीं करता था. जब वह 17 साल का हुआ तब उसने स्कूल छोड़ दिया. उसके बाद वह काम की तलाश में इधर-उधर भटकने लगा.
कहा जाता है कि उसने ज्यादातर समय तक एक सामान्य मजदूर के रूप में काम किया. इसी दौरान 1988 में वो उस समय मुसीबत में पड़ गया जब उसे एक मजदूर शिविर में चोरी के लिए सजा सुनाई गई. लेकिन इसके बाद भी उसमें कोई बदलाव नहीं आया. 1991 में एक बार फिर से उसे चोरी करने के आरोप में जेल जाना पड़ा. इसके बाद उसे साल 1996 में झूमाडियन, हेनान में बलात्कार के प्रयास का दोषी पाया गया. तब उसे पांच साल के कारावास की सजा सुनाई गई. यांग शिन्हाई किसी तरह, साल 2000 की शुरुआत में रिहा हो गया. इसके बाद तो वह और खतरनाक बन गया. फिर उसने निर्दोष लोगों को मारना शुरु कर दिया.
हालांकि, यांग शिन्हाई ने हत्याओं के लिए किसी विशेष कारण का उल्लेख नहीं किया, सिवाय इसके कि उसे मारने की तीव्र इच्छा थी और ऐसा करके उसे मजा आता था. लेकिन हेबै के एक समाचार पत्र, यान्झोओ दुशी में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चूंकि यांग को जेल की सजा सुनाई गई थी और डकैती और बलात्कार के लिए श्रम-शिविर शिविरों में सुधार के लिए उसे जाना पड़ा था, इस दौरान उसकी गर्लफ्रेंड ने उसके साथ ब्रेकअप कर लिया और फिर उसने समाज से बदला लेने के लिए लोगों को मौत के घाट उताना शुरू कर दिया.
भले ही यांग शिन्हाई ने कहा हो कि उसे लोगों को मारने में मजा आता है लेकिन एक बार जेल में जब लोगों ने उससे पूछा कि आखिर उसने अन्य लोगों को क्यों मारा, तो यांग ने कहा,”लोगों को मारना बहुत सामान्य है, कुछ खास नहीं है.”यांग को फरवरी 2004 को लुओहे सिटी इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट, हेनान द्वारा 67 लोगों की हत्याओं और 25 महिलाओं के बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया. इस मामले की सुनवाई करीब एक घंटे से भी कम चली थी. यांग को मौत की सजा सुनाई गई थी और 14 फरवरी 2004 को हेनान में यांग को सिर पर बंदूक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.















