हरिद्वार मे फिर एक वरिष्ठ पत्रकार पर परिवार वालों नें ही कर दिया जानलेवा हमला,घायल अवस्था मे पहुंचे अस्पताल,जानिये क्या है पूरा मामला,
THE POLICE TODAY
हरिद्वार। घरेलु हिंसा कब ओर कितनी घातक हो जाती है ये आप इस खबर से अंदाजा लगा सकते है बता दें की मामला हरिद्वार कनखल का है जहां आपसी बंटवारे के चलते परिवार वालों नें घर मे ही एक वरिष्ठ पत्रकार का खून खराबा कर डाला,
कनखल निवासी पत्रकार रामेश्वर शर्मा का आरोप है की तीन दिन पूर्व जब वो अपनी सम्पत्ति पर गए तो वहां पहले से ही घात लगाए बैठे रामेश्वर के बड़े भाई राजेन्द्र शर्मा व उनके पुत्र आशीष, सौरभ,अतुल ने उन्हें लाठी डंडो, व सरियों से पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर जब स्थानीय लोग मौके पर पहुचे तो चारो लोग मौके से फरार हो गये। गम्भीर हालत में रामेश्वर को अस्पताल लाया गया। डॉ ने बताया कि उनको गम्भीर चोटें आई। पुलिस ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। आरोप ये भी है कि पिता द्वारा सम्पत्ति के बंटवारे को लेकर बड़ा भाई व उसके तीनो लड़के रामेश्वर शर्मा से रंजिश रखते हैओर बड़े भाई राजेन्द्र शर्मा ने अपने पुत्रों के साथ मिलकर संपत्ति के फर्जी दस्तावेज भी तैयार कराए गए।हालाकी ये बात कहाँ तक सच है ये जांच के बाद ही पता चल पायेगा,
पीड़ित का आरोप है की पूर्व में भी आरोपियों ने अपने दादा के बैंक खाते से साजिश कर एक लाख पचास हजार रुपए निकाले थे। जिसका थाने में मुकदमा दर्ज चला आ रहा था। पिता की मृत्यु के बाद बड़े भाई व उसके तीनों पुत्र अपने चाचा रामेश्वर शर्मा से रंजिश रखने लगे थे और आए दिन चारों लोग छोटे भाई रामेश्वर शर्मा पर पिता द्वारा की गई रजिस्टर्ड वसीयत के तहत मिली संपत्ति में से आधा हिस्सा जबरन लेने को दबाव बना रहे थे राजेंद्र कुमार ने अपने पुत्रों के साथ मिलकर रानीपुर में स्थित एचडीएफसी बैंक में पिता पंडित धर्मपाल द्वारा खोले गए खाते से लगभग डेढ़ लाख रुपए की रकम गूगल पर ओटीपी नंबर जनरेट कर निकाल लिए जबकि रामेश्वर शर्मा के पिता ने अपने जीवन काल में सबसे छोटे बेटे रामेश्वर शर्मा को अपने सभी खातों में नामित किया हुआ था लेकिन बदनीयती और संपत्ति हड़पने वाले चारों ने घोर कृत्य की माफी मांगने के बजाय रामेश्वर शर्मा को डरा धमका कर चुप रहने व जान से मारने की धमकी देने लगे। पुलिस ने राजेंद्र कुमार के साथ साथ साजिश षड्यंत्र करने वाले करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। राजेंद्र कुमार ने मुकदमे से बचने के लिए अपने तीनों पुत्रों के साथ मिलकर पिता की संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार कर रामेश्वर शर्मा पर मुकदमा वापस लेने व संपत्ति से आधा हिस्सा देने का दबाव बनाने लगे। रामेश्वर शर्मा ने पुलिस व न्यायालय को घटना से अवगत करा कर सुरक्षा की मांग की। तीन दिन पूर्व हुई घटना भी चारों लोगो की इसी बौखलाहट नतीजा है जिसपर चारो लोगो ने मिलकर रामेश्वर शर्मा पर जानलेवा हमला बोल दिया। पुलिस ने पिता-पुत्र सहित चारो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
जानिये पूरे घटनक्रम पर पत्रकार रामेश्वर शर्मा का क्या कहना है।
प्रेस क्लब हरिद्वार से बाहर निकाले गए आर्य नगर निवासी कथित पत्रकार से धन का लालच देकर अपने पक्ष में खबर प्रकाशित करा कर पीड़ित रामेश्वर शर्मा पत्रकार को बदनाम करने की साजिश रची गयी। खबर को तोड़ मरोड़ कर पीड़ित को खलनायक और आरोपियों को नायक बनाने की कोशिश की गई। जबकि पुलिस रिपोर्ट की धारा आरोपियों पर आरोप सिद्ध कर रही है।
पूर्व में भी इस कथित पत्रकार ने कई पत्रकारों की छवि खराब करने उन्हें ब्लैकमेल व फर्जी समाचार प्रसारित कर लोगों को गुमराह किया है। इन पत्रकार महोदय पर काफी समय पूर्व एक महिला की शिकायत पर थाने में एक रात बंद रहने का भी आरोप लग चुका है। आर्य नगर ज्वालापुर निवासी पत्रकार के बड़े-बड़े बदमाशों से करीबी संबंध होने की बात सुनी जा सकती है। यह पत्रकार रामेश्वर शर्मा पर हमला करने वाले व जान से मारने की फिराक में रहने वाले बड़े भाई राजेंद्र वह उसके तीनों पुत्रों के संपर्क में रहता है। रामेश्वर शर्मा का कहना है कि उसे न्यायालय पर पूर्ण विश्वास है लेकिन यह सब लोग उनकी जान लेने के पीछे पड़े हैं। इस पूरे प्रकरण में और भी कई लोग शामिल हैं जो लगातार रामेश्वर शर्मा पर समझौता व मुकदमा संपत्ति का आधा हिस्सा देने की मांग करके डरा धमका रहे हैं। यह लोग कभी भी किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने पुलिस से अपनी व अपने परिवार की जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।















