उम्र छोटी अपराध बड़े, माफिया अतिक व उसके भाई को मारने वालों को हल्के मे समंझने की गलती न करें,जान लीजिये तीनो का अपराधिक इतिहास,
THE POLICE TODAY
उत्तरप्रदेश / माफिया अतिक व उसजे भाई अशरफ को कुछ ही सेकेण्ड मे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच गोलियों से भून मौत के घाट उतारने वाले तीनो युवक कौन थे ये बहुत कम लोग जानते होंगे लेकिन आज उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लगभग सभी लोग जान चुके है, इन्हे देखकर लोगों के मन मे एक सवाल अवश्य आता है की आखिर क्या मज़बूरी रही होंगी जो इतनी कम उम्र मे इन्होने इतनी बड़ी अपराधिक घटना को अंजाम दे डाला,तो आपको बता दें की ये कोई सामान्य अपराधी नही है,उम्र जितनी कम है इनका अपराधिक इतिहास उतना ही बड़ा है,ओर ये हम नही बल्कि इनकी वो कुंडली बता रही है जो पुलिस नें तैयार की है ये तीनो एक नही बल्कि अलग अलग शहरों के रहने वाले है,
अब तक की पूछताछ में पता चला है कि अतीक और अशरफ की हत्या करने वाला लवलेश तिवारी बांदा का रहने वाला है, जबकि अरुण मौर्य कासगंज का निवासी है. वहीं तीसरा आरोपी सनी हमीरपुर जनपद से है. पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना यही पता बताया है.
कौन है सनी सिंह
हमीरपुर का रहने वाला सनी सिंह हिस्ट्रीशीटर रहा है. वसूली, हत्या जैसी वारदातों को अंजाम दे चुके सनी पर 17 केस दर्ज हैं. इससे पहले सनी सिंह के भाई पिंटू सिंह ने कहा- ‘यह कुछ नहीं करता था और इसके ऊपर पहले से भी मामले दर्ज़ हैं. हम लोग 3 भाई थे जिसमें से एक की मृत्यु हो गई. यह ऐसे ही घूमता-फिरता रहता था और फालतू के काम करता रहता था. हम उससे अलग रहते हैं और बचपन में ही भाग गया था.’
लवलेश भी जेल में रहा बंद
वहीं एक अन्य आरोपी लवलेश तिवारी बांदा का रहने वाला है. लवलेश के पिता ने इस हत्याकांड के बाद बताया कि उनका लवलेश से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा, ”हमारी लवलेश से सालों से बातचीत बंद है. वह कोई काम धंधा नहीं करता. बस दिन भर नशा करता है. इसलिए काफी पहले से ही घर के सभी लोगों ने उससे बातचीत बंद कर दी है.’ दो साल पहले एक लड़की को थप्पड़ मारने के बाद लवलेश जेल में भी बंद रहा था.
अरुण मौर्या भी हिस्ट्रीशीटर
जानकारी के अनुसार, प्रयागराज के धूमनगंज मेडिकल कॉलेज में अतीक अहमद और अशरफ को गोली मारकर हत्या करने में शामिल शूटर अरुण मौर्या कासगंज के गांव बघेला पुख्ता का रहने वाला है. गांव में उसे अरुण मौर्य उर्फ कालिया के नाम से जाना जाता था. बताया जा रहा है कि जब अरुण छोटा था, तभी उसके माता-पिता की मौत हो गई थी. जब कुछ बड़ा हुआ तो वह सोरों कस्बे में जाकर रहने लगा. वर्ष 2014-15 में कासगंज बरेली-फर्रुखाबाद रेलवे मार्ग पर उझयानी और सोरों के मध्य चलती ट्रेन में लूट के बाद सिपाही की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस मामले में अरुण जेल गया था. उसके बाद उसके तार अपराधियों से जुड़ गए और वह लगातार अपराध की दुनिया में बढ़ता चला गया.















